-
563
छात्र -
425
छात्राएं -
19
कर्मचारीशैक्षिक: 128
गैर-शैक्षिक: 153
ताज़ा खबर
परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

विद्यालय के बारे में
उत्पत्ति
पी एम श्री केन्द्रीय विद्यालय चेनानी ने 2003 में एक अस्थायी भवन में कक्षा I से V तक के लिए काम करना शुरू कर दिया है। बाद में वर्ष 2019 में स्कूल को अपने नवनिर्मित भवन में स्थानांतरित कर दिया गया है.
विद्यालय का नया भवन पटनीटॉप रोड पर स्थित है। विद्यालय चेनानी बस स्टैंड से लगभग 3 किमी दूर है.
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना; उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने और स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में गति निर्धारित करने के लिए शिक्षा में प्रयोग और नवीनता को शुरू करने और बढ़ावा देने के लिए।..
विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना; स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करना और गति निर्धारित करना शिक्षा में प्रयोग और नवीनता को आरंभ करने और बढ़ावा देने के लिए...
संदेश
श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर मैं देश के समस्त शिक्षक समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।
आज जब शिक्षा का क्षेत्र तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब भी शिक्षण की मूल भावना और उसका सार शाश्वत है। देशभर के केन्द्रीय विद्यालयों में हमारे शिक्षक पूर्ण समर्पण, प्रतिबद्धता और अटूट उत्साह के साथ शिक्षा के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
उपायुक्त
“शिक्षा का अर्थ यह नहीं है कि आपके मस्तिष्क में ऐसी बहुत – सी बातें इस तरह भर दी जाये कि अंतर्द्वंद्व होने लगे और आपका मस्तिष्क उन्हें जीवन भर पचा न सके। जिस शिक्षा से हम अपना जीवन निर्माण कर सकें, मनुष्य बन सकें, चरित्र गठन कर सकें और विचारों का सामंजस्य कर सकें, वही वास्तव में शिक्षा कहलाने योग्य है।” – स्वामी विवेकानंद उपरोक्त शाश्वत शब्द केंद्रीय विद्यालय संगठन- भारत के शिक्षा मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त निकाय को परिभाषित करते हैं। केंद्रीय विद्यालय संगठन गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में एक जीवंत और प्रमुख शैक्षणिक संस्थान है। केंद्रीय विद्यालय संगठन जम्मू संभाग की स्थापना 1984 में हुई थी और वर्तमान में इसके अधिकार क्षेत्र में जम्मू और कश्मीर में स्थित 38 के. वि. आते हैं, जिनमें छात्रों के बौद्धिक, नैतिक और आध्यात्मिक विकास के लिए प्रभावी प्रबंधन और शिक्षकों की एक समर्पित, अच्छी तरह से सुसज्जित और प्रतिबद्ध टीम कार्यरत है। छात्रों को सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए नियमित आधार पर बहु-विषयक पाठ्यचर्या संबंधी गतिविधियों की एक श्रृंखला आयोजित की जाती है। प्रौद्योगिकी और वैश्वीकरण की लगातार परिवर्तनशील दुनिया के साथ चलने में हमारे छात्रों को सक्षम बनाने के लिए ‘सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास’ पर हमारा अधिक बल है। हम “कमजोरों को प्रेरित करने, औसत को संबोधित करने और प्रतिभाओं को चुनौती देने” के सिद्धांत के साथ समावेशी शिक्षा में विश्वास रखते हैं। हमें अपने छात्रों को अगली पीढ़ी के संवेदनशील और उत्तरदायी नागरिकों के रूप में विकसित करने में सहायता करने पर गर्व है। हमारे छात्रों ने अतीत में कई उपलब्धियां हासिल की हैं और मुझे पूरी आशा है कि उत्कृष्टता और उपलब्धियों की यह खोज भविष्य में भी जारी रहेगी।
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श्रीमती रजनी ओबरॉय
प्राचार्या
सम्मानित माता-पिता, जैसा कि आप जानते हैं कि आज की की दुनिया ज्ञान की दुनिया है। सीखना जीवन की लंबी प्रक्रिया है। यह माना जाता है कि एक बच्चे में बहुत उत्साह और जोश होता है। माता-पिता, समाज, राष्ट्र और मानवता की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए कुछ रणनीतियों की आवश्यकता होती है। इस संबंध में मैं हमारे छात्र-छात्राएं के बेहतर भविष्य के लिए कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डालना चाहूंगा। (1) कृपया अपनेबच्चे के लिए प्रभावी शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सहयोग करें। (2) घर में पढ़ाई के लिए उत्साहजनक वातावरण प्रदान करना। (3) गृह-कार्य और अध्ययन करने में अपने बच्चे की सहायता और मार्गदर्शन करें। (4) बैंक में हर तिमाही की नियत तारीखों पर नियमानुसार फीस जमा करें। (5) उचित स्कूल यूनिफॉर्म, किताबें और नोट-बुक प्रदान करें। (6) कृपया अपने बच्चे की स्कूल डायरी को नियमित रूप से देखें । (7) अपनेबच्चे की प्रगति सुनिश्चित करने के लिए स्कूल में आपका हमेशा स्वागत किया जाता है। परन्तु आप से स्कूल घंटे के दौरान कक्षा को परेशान न करने का अनुरोध किया जाता है। (8) कृपया सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा साफ सुथरा, साफ सुथरा स्कूल यूनिफॉर्म में नियमित रूप से स्कूल आए। (10) कृपया अपने बच्चे के लंच बॉक्स में चपाती, सब्जियाँ, सलाद आदि जैसे स्वस्थ भोजन दें। (11) कृपया अपने बच्चे को उस दिन स्कूल में न भेजें जब वह किसी संक्रामक रोग से पीड़ित हो
और पढ़ेंअद्यतनीकरण
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और पढ़ेंहमारे विद्यालय के अव्वल छात्र
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा : कक्षा दसवीं और बारहवीं
कक्षा दसवीं
कक्षाा बारहवीं
विद्यालय परीक्षा परिणाम
वर्ष: 2022-23
कुल: 80 उत्तीर्ण: 80
वर्ष: 2023-24
कुल: 73 उत्तीर्ण: 72
वर्ष: 2024-25
कुल: 63 उत्तीर्ण: 63
वर्ष: 2025-26
कुल: 72 उत्तीर्ण: 72
वर्ष: 2022-23
कुल 35 उत्तीर्ण 35
वर्ष: 2023-24
कुल 36 उत्तीर्ण 36
वर्ष: 2024-25
कुल 37 उत्तीर्ण 37
वर्ष: 2025-26
कुल 68 उत्तीर्ण 38